बीजिंग ओलंपिक में भारत का अर्जुन, अभिनव बिंद्रा

खबर सुनते ही मेरा सीना चौड़ा होता गया। एक खुशी का एहसास हो रहा है। खबर आने के पांच मिनट के अंदर भारतीय विकिपिडिया यूजर अभिनव बिंद्रा को गोल्ड मेडल दे चुके थे। मेरी खुशी और बढ़ गई। अर्जुन के देश में ओलंपिक इतिहास का पहला व्यक्तिगत गोल्ड अभिनव बिंद्रा ने दिलाया।

खबर देने वाले मीडिया मैन से लेकर आम इंसान तक गूगल में अभिनव को सर्च करने लगा। कुछ औपचारिक बधाई और साधुवाद मिलने लगे। क्रिकेट के देश में अचानक शूटिंग की चर्चा होने लगी। लोगों ने भारत-श्रीलंका टेस्ट से निकलकर न्यूज चैनल और डीडी स्पोर्टस देखना शुरू कर दिया। यूट्यूब पर अभिनव को गोल्ड मेडल दिया जाने वाला क्षण अपलोड कर दिया गया। भारत पदक तालिका में आ गया। एक साथ कई चीजें होने लगी।

फिलहाल पूरा देश खुश है, मैं खुश हूं, आप खुश है। सभी भारत वासियों की ओर से अभिनव बिंद्रा को ढेरों बधाई।

एक कार्टून: क्रिकेट और राष्ट्रीय खेल हॉकी

cricket and hockey

ये भारत सरकार का नजरिया है साथ ही साथ हम आप लोगो का भी. क्या हम उन हॉकी खिलाडियों का ऐसे सम्मान करेंगे जिन्होंने वैसी ही मेहनत की जैसे हमारे क्रिकेट के खिलाडियों ने. दुखद और अफसोसजनक

Cartoon courtsey: Hindustan, 28 Sept 07

..तो नरेंद्र मोदी इतनी घटिया सोच रखते हैं!!!

Pathan story

गुजरात विकास कर रहा है। विदेशी निवेश के मामले में राज्य सबसे अव्वल है। खूब पैसे आ रहे हैं राज्य में। मेरा अपना मानना हुआ करता था कि गुजराती लोग बड़े अच्छे होते हैं। मीठी जबान, मीठा खान-पान।

लेकिन यह क्या.. भारतीय युवा टीम ने ट्वेंटी20 का पहला विश्व प्रतियोगिता जीता। पूरा का पूरा देश खुशी से झूम रहा है। सभी राज्य अपने खिलाड़ियों को सम्मान और पुरस्कार दे रहें हैं। लेकिन गुजरात के नेतागण कुछ और ही कह रहे हैं।
फाइनल में इरफान पठान की भूमिका के बारे में हम सभी जानते हैं। लेकिन जब पत्रकारों ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवक्ता से इस बारे में पूछा तो जवाब कुछ यूं था -..यह जीत और जीतों की तरह ही थी। इसमें कुछ नया नहीं था। गुजरात की तरफ से पठान भाइयों को ना कोई सम्मान मिला और ना ही पुरस्कार।

क्या ऐसे होते हैं गुजराती..। यह मोदी के घटिया सोच की परिचायक है। मैं तो यही कह सकता हूं कि बड़ी घटिया सोच रखते हैं नरेंद्र मोदी।

News clipping courtsey: The Indian Express 26 Sep 07

जीत की खुशी में दो शब्द

Dhoni with T20 cup

कुछ चीज ऐसी हो जाती हैं जिसे जमाना हमेशा याद रखता है। हमेशा..। जो उस जमाने में नहीं होते वो कहते हैं कैसा लगता हो उस समय..। चीजें उस खास लम्हें से याद की जाती है।

बिट्टू का जन्म खग्रास सूर्यग्रहण के एक दिन बाद हुआ था। जब भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता था तो उस दिन मेरे घर में आया था। जिस दिन पोखरण में विस्फोट हुआ था मैं कलकत्ता जा रहा था।

और मैं दस साल बाद यह बोलूंगा कि जब धोनी की टीम ने जब ट्वेंटी20 विश्व कप जीता तब से ब्लाग लिख रहा हूं। इसे कहते हैं लैंडमार्क एचव्वीमेंट।

कल के खेल ने देखने वालों की सांस रोक दी थी। सोकर देखने वाले उठ कर बैठ गए थे। कुर्सी में बैठे लोग हिलने लगे थे। सड़के वीरान थी। लोगों ने जीत का अनुमान लगाकर पटाखों का इंतजाम कर लिया था। सब कुछ ठीक ठाक हो रहा था। और अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर एक पल को लगा कि.. धक.. लेकिन भारत मैच जीत चुका था।

कोई सीटियां बजा रहा था, तो कोई नाच रहा था। सभी लोग खुश थे। धोनी के मुताबिक यह मैच सच में अलग था।

युवा टीम को ढेरों बधाई।

यशवंत के बाद के बाद धोनी पहचान बने

Mahendra Singh Dhoni

पहले लोग जब मुझसे पूछते थे कहां के रहने वाले हो मैं कहता था रांची। रांची!!! ऐसे कहते थे लगता हो जैसे रांची भारत में नहीं पाकिस्तान में हो। उसके बाद मैं कहता था वहीं जहां के वित्त मंत्री हैं यशवंत सिन्हा। ओ अच्छा..अच्छा तो आप वहां के हैं। बड़ा बुरा लगता था कि यार इन लोगों को इतना नहीं पता कि रांची कहां है!

समय बदला राजग की सरकार केंद्र से हट गई और यशवंत सिन्हा भी वित्त मंत्री से हट गए। मैं सोचने लगा था कि अब क्या बताऊंगा?

लेकिन अब कोई नहीं रांची का नाम सुनने के बाद दोबारा कोई नहीं पूछता।

वजह, ‘झारखंड रत्न’ से सम्मानित महेंद्र सिंह धोनी रांची के रहने वाले हैं। यह अब सब जानते हैं।

अब लोग यह पूछते हैं कि आपका घर धोनी के घर से कितनी दूर है? हंसी आती है आज भी कि उन्हें रांची तो पता है लेकिन झारखंड नहीं। धोनी उनलोगों को भी बता देगा कि झारखंड कहां है?

धोनी जोहार!!

फोर्ड ने बोर्ड का किया गाल लाल

केंट काउंटी क्लब के चेयरमैन ग्राहम जानसन के चेहरे पर हंसी है और कहते हैं दिस इज रियली ए ग्रेट न्यूज (यह बड़ी अच्छी खबर है)। और यहां बीसीसीआई के लोगों के गाल लाल हो गए हैं।

अभी तक बीसीसीआई की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि ग्राहम फोर्ड ने कोच का पद क्यों ठुकराया। अब तक तो यह जानकारी सबको हो गई है कि फोर्ड का केंट से करार 2008 तक है तो क्या यह बात बीसीसीआई को नहीं पता थी। या वो पैसे यह सोचती है कि पैसे से सबकुछ संभव है।

क्या बीसीसीआई को भी सर्पदोष उतारने के लिए यज्ञ-हवन करना पड़ेगा? खैर उनके लिए पैसे से बड़ा कुछ नहीं है पैसा आ रहा है कोई फोर्ड आए या जाए पैसा नहीं जाना चाहिए।

फोर्ड ने कुछ तो सबक सिखा ही दिया होगा, देखते हैं बीसीसीआई इससे सीखती है या नहीं।

BCCI ka guru ghantal

BCCI cartoon

‘मनी’ और ‘मणि’ ने एशियाड से दूर किया

सुरेश कलमाड़ी यही दोहरा रहे हैं । बकौल कलमाड़ी, मणिशंकर अय्यर जीते, दिल्ली हारी । दिल्ली को 2014 में होने वाले एशियाड खेलों की मेजबानी नहीं मिली । मैं इस बारे में बहुत कुछ नहीं जानता। इतना समझ पा रहा हूं कि दिल्ली के साथ खेल प्रेमियों व खिलाड़ियों की भी हार हुई है । लोगों के भी अलग-अलग विचार हैं । बीबीसी के फोरम पर लोगों के कुछ राय

इसी पर कुछ इंटरनेट समाचार संस्करण के लगाए गए शीर्षक । यहां देखे
खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर व भारतीय ओलंपिक संगठन के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के बीच यह खींचतान भारत के लिए नुकसान दायक है । कलमाड़ी का कहना है कि हमारे सरकार खेल पर पैसा नहीं खर्च करना चाहती है ।

इससे पहले अय्यर कह चुके हैं कि खेल आयोजनों पर बड़ी रकम खर्च करने से पहले खेलों के आधारभूत ढांचे को विकसित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

खेल को लेकर हमारे लिए सबसे बड़ी बात है कि 2010 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी हम सही से करें । हम भारतवासियों की ओर एशियाड की मेजबानी जीतने वाले दक्षिण कोरिया के इंच्योन शहर को ढेरों बधाईयां ।

Cricket mein naya romanch!!!

Is baar South Africa ne apni apni kismat palat di. Aise kai match wo haar chuki hai. Jara wicket girne ki sthithi par gaur kare.

Fall of wickets: 1-1, 2-95, 3-160, 4-160, 5-182, 6-206, 7-206, 8-207, 9-207.

Jis malinga ne pahle 3 over mein 29 run diye the usi ne world cupmein ek naya record bana diya. Lagatar 4 gend par 4 wicket lekar South Africa ko ek samay mein mushkil mein daal diya tha. Final figure of Malinga: (9.2-0-54-4).

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India-Pak saath-saath

Cricket cartoon

Kaun kahta hai ki India-Pakistan ke rishton mein doori hai. Chote ko dekh bade ne qurbaani de di.

Image: Hindusatan 26 March 2007