आतंकवाद का कोई पैटर्न नही होता. वो कही भी हो सकता है. वहा जहा ज्यादा से ज्यादा लोग हताहत हो. इनका काम होता है लोगो में खौफ पैदा करना. एक साथ पूरे राज्य पूरे देश में. इनका कुछ होता है या नही होता है नही मालूम लेकिन कोई धर्म कोई मजहब तो एकदम नही होता है. यह बच्चों, बुजुर्गो, मुसलमानो, हिन्दुओ सबसे घृणा करते हैं. भारत में यह हिन्दुओ को पाकिस्तान में मुसलमानों को, अमेरिका में ईसाईयो इनको नफरत है. यही है इनका पैटर्न.
यह लिस्ट आप लोगो को बताने के लिए काफी होगा की आतंकवाद की ना ही जात है ना ही कोई मजहब. कभी कही धमाका तो कही किसी प्लेन का अगवा. ये Destrctive Mind के होते हैं. बस यही है इनका पैटर्न.