सचिन तेंदुलकर: घर की मुर्गी दाल बराबर

दाल कितनी भी अच्छी क्यों ना बने मुर्गे जैसी तो नही ही बन सकती. चाहे आप हींग, घी या किसी और का ही तड़का क्यों ना लगा दे. लेकिन अगर मुहावरा बना है की घर की मुर्गी दाल बराबर तो इसका कुछ तो मतलब जरुर बनता होगा.

सचिन तेंदुलकर: भारत की खेल दुनिया के अब तक के सबसे बड़े खिलाड़ी. Anjali, sara and arjun tendulkarअपने बच्चो अर्जुन और सारा के लिए दाल के ही बराबर हैं. क्योंकि दोनों बच्चे सचिन के नही खली के फैन हैं. सचिन ने जब बच्चो को खली से मिलवाया उसके बाद सचिन ने कहा शायद अब बच्चे मेरी बात माने क्योंकि मैंने उनलोगों के उनके सबसे बड़े फैन से मिलवाया है.

बच्चे भी… :) :)

मुहावरा शादी के पंडाल में मर गया

..और सभी लड़कियों के चेहरों में अजीब सी मुस्कान फैल गई।

दो राजपूत परिवारों के बीच अरैंज मैरेज। शादी का मंडप। पूरा मंडप परिचितों और रिश्तेदारों से घिरा हुआ।

बोतल का ढक्कन खोलने की जोर आजमाइश चल रही थी। कोल्ड ड्रिंक पत्थर हो गया था। बर्फ की एक हल्की परत ढक्कन को कस रही थी।

तभी किसी दोस्त ने बोतल को लेते हुए कहा, जो ना खोल दूं तो अपनी मूंछें मुंडवा लूंगा(बात हंसी में कही गई थी, क्योंकि लड़का क्लीन शेव था)।

हल्की सी फुसफुसाहट में एक लड़की ने कहा, मूछ होंगी तब तो ताव देंगे यह लड़के वाले।

लड़के के पिता और एक जीजा को छोड़कर लड़केवालों की तरफ से किसी की मूंछें नहीं थी।

बोतल भी नहीं खुला।

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