तो अमिताभ बताएं कैसे उत्तर प्रदेश में है जुर्म कम!!?

Amitabh Bachchan

देश की दशा और दिशा बदलने के लिए भारत में दो कानून बने। और सच में दोनों कानून कुछ हद तक अपना काम कर रही हैं। पहला है राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना। दूसरा है सूचना का अधिकार।

दोनों कानून का प्रभाव भरपूर है। एक गरीबों के उत्थान के लिए है, जिसका फर्क तो दिख रहा है लेकिन उतना नहीं जितना होना चाहिए। लेकिन मुझे विश्वास है कि एक दिन इसका असर ताजमहल की चमक की तरह ही दिखेगा। दूसरे कानून का मैं एक क्रांतिकारी कानून की तरह देखता हूं। इससे सभी सरकारी महकमा त्रस्त है। सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री कार्यालय और यूपीएससी ने अर्जी देकर कहा है कि हमें सूचना के अधिकार कानून के अंतर्गत ना लाया जाए। यह है इसका प्रभाव। अच्छी बात यह है कि इसे माना नहीं गया है।

खैर मैं बात कर रहा था सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की, जो क्रिकेट मैचों के ब्रेक के दौरान ठंडा तेल, चाय तो कभी जोड़ों के दर्द का बाम बेचते नजर आते हैं। यही अमिताभ बच्चन सात-आठ महीनों पहले टीवी पर यूपी है दम क्योंकि जुर्म है यहां कम.. कहते नजर आते थे।

भारत का कोई नागरिक सूचना के अधिकार के कानून के तहत यह जानना चाहता है कि..
अमिताभ किस आधार पर यह बात कहते थे?
वह केंद्रीय रिपोर्ट कब की बनी हुई है?
उसमें कौन-कौन से राज्य शामिल हैं?
जुर्म का आधार कब से कब तक का लिया गया है?
और..
इस प्रसारण के लिए अमिताभ को कितना पारिश्रमिक मिला था?

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सब अमिताभ से तत्कालीन उत्तर प्रदेश विकास परिषद के सदस्य होने के नाते पूछा गया है। जवाब 15 अक्टूबर को देना है।

कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं

Indian Idol prashant tamang and amit paul

आप अच्छे हैं। समाज के लिए अच्छा सोचते हैं। आपकी बातें अच्छी हैं। सबको लुभाती हैं। आपका काम लोगों का मनोरंजन करना है। लेकिन अगर गलती से आपने कुछ गलता कह दिया तो इसका अंजाम..। कितना बुरा हो सकता है इस खबर को पढ़ कर अंदाजा लगा सकते हैं।

जिनको नहीं पता है उनके लिए, इंडियन आइडल बने प्रशांत तमांग पर रेड एफएम, दिल्ली के आरजे नितिन ने कुछ ऐसा कहा जिसे नहीं कहा जाना चाहिए। लेकिन अब जब उन्होंने कह दिया तो उसके बाद जो हुआ वह बुरा हुआ। मैं नितिन को निजी तौर पर तो नहीं जानता लेकिन उन्हें काफी सुना है। वह समाज के अच्छे के बारे में बोलते हैं लेकिन यहां गलती हो गई।

अब नितिन ने जो कुछ कहा उसके लिए माफी मांग ली है। उम्मीद है कि सभी पूर्वी भारत के निवासी उन्हें माफ कर देंगे।

शकीरा शकीरा.. अब इसका मजा लीजिये

Shakira

मैं इसे कई दिन से ढूंढ़ रहा था, आज मिला है. क्या आप भी इसे ढूंढ़ रहे थे. अगर हा तो इसका मजा लीजिये. सुनिये, पढिये और नाचिये 

Hips Dont Lie…

Ladies up in here tonight
No fighting, no fighting
We got the refugees up in here
No fighting, no fighting

Shakira, Shakira

I never really knew that she could dance like this
She makes a man wants to speak Spanish
Como se llama, bonita, mi casa, su casa
Shakira, Shakira

Oh baby when you talk like that
You make a woman go mad
So be wise and keep on
Reading the signs of my body

I’m on tonight
You know my hips don’t lie
And I’m starting to feel it’s right
All the attraction, the tension
Don’t you see baby, this is perfection

Hey Girl, I can see your body moving
And it’s driving me crazy
And I didn’t have the slightest idea
Until I saw you dancing

And when you walk up on the dance floor
Nobody cannot ignore the way you move your body, girl
And everything so unexpected - the way you right and left it
So you can keep on shaking it

I never really knew that she could dance like this
She makes a man want to speak Spanish
Como se llama, bonita, mi casa, su casa
Shakira, Shakira

Oh baby when you talk like that
You make a woman go mad
So be wise and keep on
Reading the signs of my body

And I’m on tonight
You know my hips don’t lie
And I am starting to feel you boy
Come on lets go, real slow
Don’t you see baby asi es perfecto

Oh I won’t deny my hips don’t lie
And I am starting to feel it’s right
All the attraction, the tension
Don’t you see baby, this is perfection
Shakira, Shakira

Oh boy, I can see your body moving
Half animal, half man
I don’t, don’t really know what I’m doing
But you seem to have a plan
My will and self restraint
Have come to fail now, fail now
See, I am doing what I can, but I can’t so you know
That’s a bit too hard to explain

Baila en la calle de noche
Baila en la calle de día

Baila en la calle de noche
Baila en la calle de día

I never really knew that she could dance like this
She makes a man want to speak Spanish
Como se llama, bonita, mi casa, su casa
Shakira, Shakira

Oh baby when you talk like that
You know you got me hypnotized
So be wise and keep on
Reading the signs of my body

Senorita, feel the conga, let me see you move like you come from Colombia

Mira en Barranquilla se baila así, say it!
Mira en Barranquilla se baila así

Yeah
She’s so sexy every man’s fantasy a refugee like me back with the Fugees from a 3rd world country
I go back like when ‘pac carried crates for Humpty Humpty
I need a whole club dizzy
Why the CIA wanna watch us?
Colombians and Haitians
I ain’t guilty, it’s a musical transaction
No more do we snatch ropes
Refugees run the seas ’cause we own our own boats

I’m on tonight, my hips don’t lie
And I’m starting to feel you boy
Come on let’s go, real slow
Baby, like this is perfecto

Oh, you know I won’t deny and my hips don’t lie
And I am starting to feel it’s right
The attraction, the tension
Baby, like this is perfection

No fightin No fightin

 

जयदीप साहनी, चक दे… के असल हीरो

Jaideep Sahni

जी हां यही हैं चक दे! इंडिया के असल हीरो। साहनी ने जो काम किया है, वह कमाल का है। आप सभी लोगों ने अब तक तो फिल्म देख ही ली होगी। और नहीं देखी होगी तो सुना जरूर होगा। जिन्होंने चक दे.. देखी है इनका काम भी देख होगा। इन्हें नहीं देख पाए! जयदीप शाहनी और कोई नहीं चक दे.. के स्क्रिप्ट राइटर है। अब तो आप मानते होंगे कि चक दे.. के असल हीरो यही हैं।

वैसे तो इनके पिता आईएएस आफिसर थे और मां स्कूल टीचर लेकिन परिवार काफी साधारण था। साधारण परिवार को समझने के लिए आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि ‘खोसला का घोसला’ फिल्म की पटकथा इनके परिवार के साथ हुई घटना पर आधारित है।

जयदीप साहनी ने अपनी पढ़ाई दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय के बाद डीपीएस, आरकेपुरम से की। उसके बाद उन्होंने दिल्ली में NIIT में एक साल तक कंप्यूटर प्रोफेशनल के रूप में काम किया। और फिर 6 साल तक किसी एड एजेंसी के लिए। वहां से जब उन्होंने अपना स्वतंत्र काम करने का सोचा तो इस्तीफा पत्र में लिखा, तेरी दो टकिया की नौकरी में मेरा लाखों का सावन जाए..।

रामगोपाल वर्मा को जयदीप साहनी के बारे में किसी ने बताया और उसके बाद उन्होंने लिखा ‘जंगल’। जंगल से जो सिलसिला शुरू हुआ वह ‘कंपनी’, ‘बंटी और बबली’, ‘खोसला का घोसला’ और अब चक दे! इंडिया।

आत्मविश्वास से भरे जयदीप शाहनी एक साक्षात्कार में कहते हैं कि पटकथा लिखने के लिए आपके आस पास चीजों को महसूस करना पड़ता है।

भारत की कानून व्यवस्था बड़ी गहरी है!!!

Shibu Soren 

शिबू सोरेन रिहा हो गए और सलमान खान जेल भेजे गए। सलमान खान के जेले भेजे जाने पर किसी ने कहा कि भारत की कानून व्यवस्था बड़ी गहरी है। जो जैसा करेगा वैसा भरेगा। मैं अपने राज्य के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन के बारे में सोचने लगा..। सच में भारत की कानून व्यवस्था बड़ी गहरी है!!!

 Salman khan

‘मेरा भारत परेशान’ से ‘मेरा भारत महान’ तक

भारत के आम नागरिकों की राय है यह। कोई भारत से परेशान है तो कोई भारत को महान कहता है। आम भारतीय वर्तमान में जीता है। इन्हें भूत और भविष्य से कोई मतलब नहीं। हड़ताल में यह परेशान होता है। और ज्यादा मजदूरी मिलने पर खुश हो जाता है।

आज का भारत 60 साल का नौजवान भारत है। इसकी रफ्तार से हर कोई अचंभित है। देशी विदेशी सभी इसके तारीफ कर रहे हैं। अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर भारत से ज्यादा उत्सुक है।

टाइम ने अपने वर्तमान अंक में भारत की तारीफ की है। आजादी के 60 साल पूरे होने पर टाइम ने भारत पर विशेषांक प्रकाशित किया है। टाइम से पहले कई और विदेशी अखबारों और चैनलों ने भारत की ओर नजरें इनायत की हैं (इसे देख लें)

मेगास्थनीज, इब्नबतूता, फाहियान, ह्वेन स्वांग ने भारत की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं। सभी भारत की ओर ही ताक रहें हैं। विकिपिडिया पर किसी देश के पेज को पढ़ने में अमेरिका के बाद भारत के पेज का नंबर है। भारत और भारत की चीजें आज विश्व भर में लोकप्रिय हो रहीं हैं। लंदन में पनीर टिक्का की बिक्री बर्गर के करीब-करीब है। विदेशी महिलाओं को साड़ी में काफी पसंद है।

आज से बीस साल पहले टाटा और बिड़ला भारत में भारत के सबसे बड़े ब्रांड एंबेस्डर थे। टाटा-बिड़ला सभी के जुबान पर थे। यही हाल आज पूरे विश्व का है। आईटी, स्टील, फिल्म और साहित्य में भारत का परचम अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और खाड़ी देशों पर लहरा रहा है।

कोरस को खरीदने की भारी भरकम डील की खबर हो या अरुंधति राय व अनिता देसाई को बुकर पुरस्कार मिलने की खबर। हम आगे बढ़ रहे हैं। धीरे-धीरे। सपेरों के देश से अमीरों के देश बनने की कहानी भी दुनिया वाले आंखें फाड़-फाड़ कर देख और पढ़ रहे हैं। विदेशियों की रुचि पौराणिक योग में भी बढ़ी है।

क्रमश:

रोलिंग के हाथों में जादू है

मैंने हैरी पाटर के छह किताबें पढ़ी हैं। पहले की चार हिंदी में बाकी के दो अंग्रेजी में। मेरी अंग्रेजी इतनी अच्छी भी नहीं है लेकिन यह जे के रोलिंग के हाथों का जादू है कि मैं उन किताबों को पढ़ पाया।

जिन्होंने भी हैरी पाटर नहीं पढ़ी है उसके बारे में यही कहा जा सकता है कि वो सारे ‘मगलू’ हैं। अगर आप मगलू नहीं जानते तो पढ़े हैरी पाटर सीरीज।

वैसे आज के दिन क्या हिंदी और क्या अंग्रेजी पूरे विश्व में हैरी पाटर छाया हुआ है। आप मजमून देख लीजिए। हमारे टीवी चैनल जिनको बाबा और सांप से फुरसत नहीं मिलती है आज सुबह वह भी पाटर मानिया से अभिभूत दिखे।

Harry Potter in Wikipedia

JK Rowling official website

शिल्पा शेट्टी को डाक्टरेट और गांधी जी से तुलना

Shilpa shetty

मेरे साथ काम करने वाले मेरे एक वरिष्ठ सहयोगी ने कहा क्या किसी को भी डाक्टरेट दिया जा सकता है? उनका यह सवाल शिल्पा शेट्टी को लंदन की लीड्स विश्वविद्यालय द्वारा डाक्टरेट की मानद उपाधि देने पर था।

मैंने छूटते ही कहा क्यों लंदन में उसने जो लड़ाई लड़ी यह उसका पुरस्कार है। शिल्पा शेट्टी आज लंदन ही नहीं पूरे ब्रिटेन में सबसे चर्चित शख्सियतों में से एक है।

‘बिग ब्रदर’ में ना जाने शिल्पा को क्या-क्या कहा गया और उसने उसका जिस तरीके से सामना किया वह काबिले तारीफ है। साथ ही मैंने कहा अगर शिल्पा ने कोई बड़ा काम नहीं किया है तो फिर गांधी जी भी कोई बड़ा काम नहीं किया है। क्या किया उन्होंने? अपने देश को अंग्रेजों से छुड़वाया। भई अगर अपनी चीज आप किसी से लेते हैं या तो फिर आपने कोई बड़ा काम थोड़े ही किया है।

पहले शिल्पा शेट्टी के बारे में कुछ। उन्हें ‘बिग ब्रदर’ में शामिल होने के लिए 31.5 मीलियन डालर मिले। यह उनका व्यावसायिक डील था। शिल्पा शेट्टी ने प्रोग्राम शुरू होने के बाद चार दिनों तक नहाया नहीं क्योंकि बाथरूम में कैमरा लगा हुआ था। उन्हें अपनी पब्लिशिटी से ज्यादा अपनी संस्कृति की ज्यादा फिक्र थी। या फिर अपनी इज्जत की तो कम से कम थी ही। उसके बाद उन्हें जो कहा गया वह आप इस लिंक में देख सकते हैं।

शिल्पा ने बिग बास के शुरुआत में ही कहा था कि इसमें जीतने के उन्हें शून्य फीसदी आशा है, मेरे लिए सबसे बड़ी चीज होगी अपने सम्मान और संस्कृति को बचा कर रखना।

अब जरा गांधी जी की बात। गांधी जी के पिता करमचंद गांधी पोरबंदर के दीवान थे। बचपन में पढ़ने लिखने में अच्छे ना होने के बावजूद गांधी जी को 18 साल की छोटी आयु में विदेश पढ़ने के लिए भेजा गया। उस समय जब लोग अपने शहर से दूसरे शहर नहीं जा पाते थे। गांधी जी का पहनावा किसी राजकुमार से कम नहीं होता था। लेकिन फिर भी दूसरे देश दक्षिण अफ्रीका में पहले उन्हें सिर से पगड़ी हटाने के लिए कहा गया और बाद में ट्रेन के फ्रस्र्ट क्लास के कोच से धक्का देकर निकाल दिया गया।

मेरे विचार से गांधी जी सौ फीसदी सुधारवादी व्यक्ति थे। जब तक उन्होंने कोट और टाई पहना कोट और टाई की बड़ाई करते रहे। जब उन्होंने धोती पहनना शुरू किया धोती के लाभ गिनाने लगे।

गांधी जी ने भी अपना आत्मसम्मान और संस्कृति नहीं जाने दिया। ठीक वही काम शिल्पा शेट्टी ने लंदन के रियलिटी शो ‘बिग ब्रदर’ में किया।

अमिताभ बच्चन सत्तर के दशक में इसलिए पोपुलर हुए कि उन्होंने ऐसी फिल्मों में अभिनय किया जो आम युवाओं से मिलती थी। परेशान युवा को हर कोई सताने वाला होता था बचाने वाला कोई नहीं। और उन फिल्मों को देख तब का युवा मन अमिताभ को अपने से जोड़ता था।

आज लंदन में रहने वाले भारतीय व एशियाई मूल के लोग भी शिल्पा शेट्टी से अपने को जोड़ कर देख रहे हैं। शिल्पा ने पहले तो यह काम पैसों के लिए जरूर किया लेकिन बाद में प्रोग्राम के दौरान पैसा गौण हो गया। अपना आत्मसम्मान सर्वोच्च हो गया।

हमें लोगों की प्रशंसा हृदय से करनी चाहिए। अगर उसने सच में अच्छा काम किया है तो।

मेरा सच में मानना है कि शिल्पा शेट्टी ने जो काम किया उसका प्रभाव जरूर गांधी जी के द्वारा किए गए दक्षिण अफ्रीका के काम से कम हो लेकिन काम दोनों एक ही है।

‘Shakira’ कीवर्ड पर एक दिन में 221 हिट

कल मैंने कोई पोस्ट नहीं लिखी थी। और आज सुबह देखता हूं कि अंग्रेजी कीवर्ड Shakira से मेरा सपना में 221 हिट हैं। मैं तो पहले समझ ही नहीं पाया कि ये क्या हुआ? शकीरा, 221, एक दिन में। कोई आइडिया नहीं। फिर पता चला कि icq.com पर इमेज सेक्सन में शकीरा सर्च करने पर मेरा सपना में डाली गई एक इमेज आती है। सारे लोग वहीं से आ रहे हैं। खैर आएं देखें।

पहले भारत गोल्बल हुआ, उस गोल्बल भारत में शकीरा आई और अब मेरा सपना गोल्बल हो रहा है। पोस्ट देखें।

आइए बॉस को जाने, साथ में एसपी सिंह को नमन

एक बहुत पोपुलर टीवी विज्ञापन है। हरि साडू वाला। एच फार हिटलर..। याद आ गया। क्या बॉस का सही रूप यही है। बॉस, हर कोई त्रस्त रहता है। चाहे वह सरकारी दफ्तर हो या फिर प्राइवेट।

दफ्तर में बॉस एक होते हैं लेकिन हर कर्मचारी अपने से ठीक ऊपर वाले बॉस (सीनियर) से परेशान होता है। अपने सहकर्मी को तमाम तरीके के कमेंट देता रहता है, बॉस को लेकर। यार ऐसा है, वैसा है लेकिन एक बात है .. जानकार आदमी है। (जानकार नहीं होता तो वहां थोड़े ही बैठा होता)

लोगों की कोशिश होती है कि वह बॉस का जन्मदिन जाने और उसे शुभकामनाएं दे। सबसे पहले। इसे कहते हैं चाटुकारिता नीति।

बॉस और कर्मचारी विक्रम और बैताल की तरह से हैं। कर्मचारी हमेशा भागना चाहता है लेकिन ‘विक्रम’ हमेशा कर्मचारी को पकड़ लेता है। पूरी कहानी सुनता है। जवाब देता है और कर्मचारी फिर गोली देकर भाग निकलता है।

ऐसा नहीं है कि ‘विक्रम’ को नहीं पता कि बैताल भाग जाएगा। फिर भी वह उसे भागने के लिए एक-दो मौके दे देता है। आज का विक्रम पहले से कहीं ज्यादा चतुर और चालाक है।

बॉस को भी कर्मचारियों की गतिविधि जानने के लिए एक चाटुकार की जरूरत होती है। चाहे जो भी मिल जाए। समझदार बैताल या नासमझ बैताल। कहानी तो सुनाएगा ही।

लेकिन कई बॉस टीम में काम करने पर विश्वास रखते हैं। जैसे सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी। आज उनके शिष्य सभी मीडिया संस्थाओं के मुखिया बन बैठे हैं लेकिन कोई अपने जैसा शिष्य नहीं बना पा रहा है। आज एसपी की दसवीं पुण्यतिथि है। उनको मेरा नमन।

मैंने यह लेख उनको याद करते हुए ही लिखा। आज जनसत्ता और अमर उजाला के संपादकीय पृष्ठ पर उनके बारे में विस्तार से लिखा है। अगर संभव हो तो पत्रकार ब्लागर पढ़ लें।

एक और स्टोरी मिली है । वेब दुनिया से जरा इसे भी पढ़ लें