पहले इसका शीषर्क देख लें। सुपर मम्मी ने लगाया सिक्सर।

इस शीषर्क को देखकर यही लगा कि बीबीसी हिंदी में भी शीषर्क लगाते वक्त संवेदना जैसी चीजों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

छह बच्चों को जन्म देने वाली मां, सुपर मम्मी हो गई और छह बच्चे को सिक्सर कह संबोधित किया गया।

पंजाब में मजदूरी करने वाला साधारण नागरिक के बारे में यह नहीं समझा गया कि अब इनका गुजर बसर कैसे होगा? बच्चों के ईलाज का खर्च कहां से आएगा?

इसके बरक्श सुपर मम्मी और सिक्सर। क्या और कैसा नजरिया है!!

किसी महिला को लेकर ऐसा शीर्षक क्यों?