ऑफिस से लेकर सड़क तक सब राजनीति ही करते हैं. मेरा कैब ड्राइवर कहता है मैं तो अपना वोट अपनी जात वाले को ही दूंगा किसी और को देने का सवाल ही नहीं उठता. फिर कहता है फलां हमारी जात वाला है वह चाहे घोटाला क्‍यों ना करें लेकिन वोट तो मैं उसे ही दूंगा… ड्राइवर बिहार का है.

मैंने मन में केवल उफ…भर किया…यह उफ भर ही काफी दर्द देने वाला है. मैंने सोचा क्‍या बेटी और वोट केवल अपनी जाति वाले को ही देना चाहिए या उस इंसान को जो अच्‍छा है…मुझे लगता है मेरा शीषर्क मेरा जवाब है.