बड़ा कौतूहल का विषय है। पहले सचिन तेंदुलकर के बारे में कुछ बात करूं। जीते जिंदगी महान कम ही लोग बनते हैं और अगर बन भी गए तो विवाद उनका साथ नहीं छोड़ते। सचिन ने अपने को ऐसे सांचे में ढाला जिसमें महानता सादगी सा मालूम हो और विवाद.. एकदम नहीं। इसलिए नहीं कि विवाद से सचिन बचना चाहते हैं बल्कि सचिन को विवाद पसंद नहीं है। अपना लैंडमार्क सेट करते हैं। कोई यह नहीं कहेगा कि सचिन उसके जैसा लगता है। हमेशा सचिन की तरह ही कोई लगेगा!

अपने शीषर्क पर लौटूं। हिंदी ब्लांगिंग का सचिन तेंदुलकर कौन? एक दम से नाम निकलकर आएगा, उड़न तश्तरी! समीर जी का। Sameer Lalकनाडा में रहते हैं, भारतीय हैं। पेशा लोगों को सलाह देने का है, मतलब किसी फर्म में फाइनेंशियल सलाहकार हैं। विवाद से बचते नहीं हैं, विवाद इन्हें पसंद नहीं है। अपने पोस्ट पर आए एक हुश हुश नागराज की टिप्पणी पर पोस्ट लिख डाला। बेहद ही नपा तुला शॉट (शब्द)। देखने (पढ़ने)वाला वाह! वाह! करता है। कोई इन्हें टिप्पणी सम्राट कहता है, तो कोई हिंदी ब्लागिंग के साधुवाद पुरोधा। सचिन तेंदुलकर जैसे अपने जूनियर का हौसला बढ़ाते दिखते हैं, ठीक इसी तरह इनकी टिप्पणियां नए ब्लागरों का हौसला बढ़ाती है। इनके पोस्ट पर आने वाली टिप्पणियों की संख्या से आप इनके प्रशंसकों का अंदाजा लगा सकते हैं। रैनडमली किसी भी पोस्ट को उठा कर देख लीजिए। आपको अंदाजा हो जाएगा। समीर इज सिम्पली आउटस्टैंडिंग। लगे रहिए। आपके एक-एक पोस्ट के लिए आपको मेरे और सभी आपके चाहने वाले ब्लागरों की तरफ से आपको साधुवाद।