Gutkha

पैकेट के अन्दर से हल्का गर्द उड़ा. उसने अपने सख्त उंगलियों से गुटखा के पैकेट को फाडा था. पैकेट ऊपर आया और फ़िर सारा माल मुह के अन्दर. और उसने गुटखे की पुडिया को साफ सुथरे सड़क पर उड़ने के लिए फेक दिया.  साथ चल रहे दोस्त ने कहा की तुमने यह क्यों फेका, देख नही रहे सड़क साफ सुथरी है.

मैं पीछे ही चल रहा था. मॅन में ख्याल आया, क्या उसका मुह साफ सुथरा नही है जो अपने अन्दर कूड़े को डाल लिया. फ़िर सोचा अगर वो इतना ही समझदार होता तो गुटखा खाता क्यों?