कहावतों के मतलब बदल रहे हैं

mother dairy

एक बड़ा मशहूर कहावत है..। शराब लेने के लिए तो इंसान धक्का-मुक्की, सब कुछ कर लेता है लेकिन दूध ग्वाला घर में दे जाएगा फिर भी लोग नहीं लेते। समय बदल गया और कहावत थोड़ा बदल रहा है। लोग अब दूध लेने के लिए भी लाईन में लगते हैं। दूर-दूर तक जाते हैं। सुबह-सुबह देखा तो इस नजारे को देख मैं भी हैरान रह गया। लोग मदर डेयरी काउंटर पर कतारबद्ध होकर दूध लेने का इंतजार कर रहे थे। हाथों में स्टील के बर्तन। बड़ी खुशी हो रही थी। हां, यह जरूर है कि शराब की दुकान पर भीड़ वैसी ही बनी है। कम नहीं हो रहा। फिलहाल तो मैं सुबह की आंखों देखी से ही खुश हूं।

सिप्ला की गर्भ निरोधक गोली आई-पिल

इसका टीवी एड देखा। काफी शांत। कोई शोर-शराबा नहीं। पति-पत्नी के बीच आंखों-आंखों में बातें होती हैं और उसके बाद आई-पिल का जिक्र।

कुछ बात करने से पहले कुछ आंकड़े बता दूं। भारत में..
प्रतिवर्ष 50 लाख गर्भपात कराए जाते हैं।
78 प्रतिशत गर्भधारण अनियोजित होते हैं।
25 प्रतिशत गर्भधारण अनिच्छित होते हैं।

ऐसा नहीं है कि इससे पहले महिलाओं के लिए कोई गर्भनिरोधक दवाई बाजार में नहीं आई है। लेकिन सिप्ला की यह गोली खास है। गर्भधारण के 72 घंटे बाद लेने से गर्भपात हो जाएगा। यह इसकी खास और सबसे खास बात है।

इसके फायदे का तो पता नहीं लेकिन हमारे तेजी से बदलते भारत में इसका नुकसान काफी तेजी से होगा।

सिप्ला की वेबसाइट पर नीचे गुलाबी रंग से साफ-साफ लिखा हुआ है, इसका उपयोग बिना डाक्टरी सहायता के भी लिया जा सकता है। हां, साथ ही कंपनी ने यह भी लिखना नहीं भूला है कि यह गोली गर्भपात की गोली नहीं है।

भारत में जहां नाम भर लिख लेने वाले को साक्षर कहा जाता है, वहां शिक्षा मात्र 64 प्रतिशत है। अब उन्हें इसका अच्छा-बुरा कौन समझाएगा?

जितना शांत इसका टीवी एड है इसके ठीक उलट बाजार में इस गोली का हल्ला होगा। गर्भपात पर एक रिपोर्ट

Official site i-pill

कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं

Indian Idol prashant tamang and amit paul

आप अच्छे हैं। समाज के लिए अच्छा सोचते हैं। आपकी बातें अच्छी हैं। सबको लुभाती हैं। आपका काम लोगों का मनोरंजन करना है। लेकिन अगर गलती से आपने कुछ गलता कह दिया तो इसका अंजाम..। कितना बुरा हो सकता है इस खबर को पढ़ कर अंदाजा लगा सकते हैं।

जिनको नहीं पता है उनके लिए, इंडियन आइडल बने प्रशांत तमांग पर रेड एफएम, दिल्ली के आरजे नितिन ने कुछ ऐसा कहा जिसे नहीं कहा जाना चाहिए। लेकिन अब जब उन्होंने कह दिया तो उसके बाद जो हुआ वह बुरा हुआ। मैं नितिन को निजी तौर पर तो नहीं जानता लेकिन उन्हें काफी सुना है। वह समाज के अच्छे के बारे में बोलते हैं लेकिन यहां गलती हो गई।

अब नितिन ने जो कुछ कहा उसके लिए माफी मांग ली है। उम्मीद है कि सभी पूर्वी भारत के निवासी उन्हें माफ कर देंगे।

एक कार्टून: क्रिकेट और राष्ट्रीय खेल हॉकी

cricket and hockey

ये भारत सरकार का नजरिया है साथ ही साथ हम आप लोगो का भी. क्या हम उन हॉकी खिलाडियों का ऐसे सम्मान करेंगे जिन्होंने वैसी ही मेहनत की जैसे हमारे क्रिकेट के खिलाडियों ने. दुखद और अफसोसजनक

Cartoon courtsey: Hindustan, 28 Sept 07

..तो नरेंद्र मोदी इतनी घटिया सोच रखते हैं!!!

Pathan story

गुजरात विकास कर रहा है। विदेशी निवेश के मामले में राज्य सबसे अव्वल है। खूब पैसे आ रहे हैं राज्य में। मेरा अपना मानना हुआ करता था कि गुजराती लोग बड़े अच्छे होते हैं। मीठी जबान, मीठा खान-पान।

लेकिन यह क्या.. भारतीय युवा टीम ने ट्वेंटी20 का पहला विश्व प्रतियोगिता जीता। पूरा का पूरा देश खुशी से झूम रहा है। सभी राज्य अपने खिलाड़ियों को सम्मान और पुरस्कार दे रहें हैं। लेकिन गुजरात के नेतागण कुछ और ही कह रहे हैं।
फाइनल में इरफान पठान की भूमिका के बारे में हम सभी जानते हैं। लेकिन जब पत्रकारों ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रवक्ता से इस बारे में पूछा तो जवाब कुछ यूं था -..यह जीत और जीतों की तरह ही थी। इसमें कुछ नया नहीं था। गुजरात की तरफ से पठान भाइयों को ना कोई सम्मान मिला और ना ही पुरस्कार।

क्या ऐसे होते हैं गुजराती..। यह मोदी के घटिया सोच की परिचायक है। मैं तो यही कह सकता हूं कि बड़ी घटिया सोच रखते हैं नरेंद्र मोदी।

News clipping courtsey: The Indian Express 26 Sep 07

जीत की खुशी में दो शब्द

Dhoni with T20 cup

कुछ चीज ऐसी हो जाती हैं जिसे जमाना हमेशा याद रखता है। हमेशा..। जो उस जमाने में नहीं होते वो कहते हैं कैसा लगता हो उस समय..। चीजें उस खास लम्हें से याद की जाती है।

बिट्टू का जन्म खग्रास सूर्यग्रहण के एक दिन बाद हुआ था। जब भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता था तो उस दिन मेरे घर में आया था। जिस दिन पोखरण में विस्फोट हुआ था मैं कलकत्ता जा रहा था।

और मैं दस साल बाद यह बोलूंगा कि जब धोनी की टीम ने जब ट्वेंटी20 विश्व कप जीता तब से ब्लाग लिख रहा हूं। इसे कहते हैं लैंडमार्क एचव्वीमेंट।

कल के खेल ने देखने वालों की सांस रोक दी थी। सोकर देखने वाले उठ कर बैठ गए थे। कुर्सी में बैठे लोग हिलने लगे थे। सड़के वीरान थी। लोगों ने जीत का अनुमान लगाकर पटाखों का इंतजाम कर लिया था। सब कुछ ठीक ठाक हो रहा था। और अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर एक पल को लगा कि.. धक.. लेकिन भारत मैच जीत चुका था।

कोई सीटियां बजा रहा था, तो कोई नाच रहा था। सभी लोग खुश थे। धोनी के मुताबिक यह मैच सच में अलग था।

युवा टीम को ढेरों बधाई।

शकीरा शकीरा.. अब इसका मजा लीजिये

Shakira

मैं इसे कई दिन से ढूंढ़ रहा था, आज मिला है. क्या आप भी इसे ढूंढ़ रहे थे. अगर हा तो इसका मजा लीजिये. सुनिये, पढिये और नाचिये 

Hips Dont Lie…

Ladies up in here tonight
No fighting, no fighting
We got the refugees up in here
No fighting, no fighting

Shakira, Shakira

I never really knew that she could dance like this
She makes a man wants to speak Spanish
Como se llama, bonita, mi casa, su casa
Shakira, Shakira

Oh baby when you talk like that
You make a woman go mad
So be wise and keep on
Reading the signs of my body

I’m on tonight
You know my hips don’t lie
And I’m starting to feel it’s right
All the attraction, the tension
Don’t you see baby, this is perfection

Hey Girl, I can see your body moving
And it’s driving me crazy
And I didn’t have the slightest idea
Until I saw you dancing

And when you walk up on the dance floor
Nobody cannot ignore the way you move your body, girl
And everything so unexpected – the way you right and left it
So you can keep on shaking it

I never really knew that she could dance like this
She makes a man want to speak Spanish
Como se llama, bonita, mi casa, su casa
Shakira, Shakira

Oh baby when you talk like that
You make a woman go mad
So be wise and keep on
Reading the signs of my body

And I’m on tonight
You know my hips don’t lie
And I am starting to feel you boy
Come on lets go, real slow
Don’t you see baby asi es perfecto

Oh I won’t deny my hips don’t lie
And I am starting to feel it’s right
All the attraction, the tension
Don’t you see baby, this is perfection
Shakira, Shakira

Oh boy, I can see your body moving
Half animal, half man
I don’t, don’t really know what I’m doing
But you seem to have a plan
My will and self restraint
Have come to fail now, fail now
See, I am doing what I can, but I can’t so you know
That’s a bit too hard to explain

Baila en la calle de noche
Baila en la calle de día

Baila en la calle de noche
Baila en la calle de día

I never really knew that she could dance like this
She makes a man want to speak Spanish
Como se llama, bonita, mi casa, su casa
Shakira, Shakira

Oh baby when you talk like that
You know you got me hypnotized
So be wise and keep on
Reading the signs of my body

Senorita, feel the conga, let me see you move like you come from Colombia

Mira en Barranquilla se baila así, say it!
Mira en Barranquilla se baila así

Yeah
She’s so sexy every man’s fantasy a refugee like me back with the Fugees from a 3rd world country
I go back like when ‘pac carried crates for Humpty Humpty
I need a whole club dizzy
Why the CIA wanna watch us?
Colombians and Haitians
I ain’t guilty, it’s a musical transaction
No more do we snatch ropes
Refugees run the seas ’cause we own our own boats

I’m on tonight, my hips don’t lie
And I’m starting to feel you boy
Come on let’s go, real slow
Baby, like this is perfecto

Oh, you know I won’t deny and my hips don’t lie
And I am starting to feel it’s right
The attraction, the tension
Baby, like this is perfection

No fightin No fightin

[youtube]http://www.youtube.com/watch?v=OyHiYqDZ15I[/youtube] 

यशवंत के बाद के बाद धोनी पहचान बने

Mahendra Singh Dhoni

पहले लोग जब मुझसे पूछते थे कहां के रहने वाले हो मैं कहता था रांची। रांची!!! ऐसे कहते थे लगता हो जैसे रांची भारत में नहीं पाकिस्तान में हो। उसके बाद मैं कहता था वहीं जहां के वित्त मंत्री हैं यशवंत सिन्हा। ओ अच्छा..अच्छा तो आप वहां के हैं। बड़ा बुरा लगता था कि यार इन लोगों को इतना नहीं पता कि रांची कहां है!

समय बदला राजग की सरकार केंद्र से हट गई और यशवंत सिन्हा भी वित्त मंत्री से हट गए। मैं सोचने लगा था कि अब क्या बताऊंगा?

लेकिन अब कोई नहीं रांची का नाम सुनने के बाद दोबारा कोई नहीं पूछता।

वजह, ‘झारखंड रत्न’ से सम्मानित महेंद्र सिंह धोनी रांची के रहने वाले हैं। यह अब सब जानते हैं।

अब लोग यह पूछते हैं कि आपका घर धोनी के घर से कितनी दूर है? हंसी आती है आज भी कि उन्हें रांची तो पता है लेकिन झारखंड नहीं। धोनी उनलोगों को भी बता देगा कि झारखंड कहां है?

धोनी जोहार!!

कंप्यूटर ने कलम की जान निकाल दी

आह! सच में उंगलियां काफी दर्द कर रही थीं। बमुश्किल 6 पन्ना लिखा होगा। यह जरूर है कि कई दिनों बाद इतना कलम घिसना पड़ा।

कहीं के लिए परीक्षा देने गया था। परीक्षा तो बढ़िया रही लेकिन कलम से लिखते-लिखते हाथ और उंगलियां दुखने लगी थी। महसूस हुआ कि कंप्यूटर ने कलम की जान निकाल दी।

आज कल सारे काम कंप्यूटर पर ही होते हैं। पेन और पेपर लेस वर्क। पेन का काम केवल प्वाइंटस लिखने का रह गया है। और पेपर का प्रिंट आउट निकालने भर। बहुत हुआ तो दोनों की सहायता से आवेदन लिखा जाता है। अब तो वह भी खत्म होता जा रहा है- ई मेल ही लिख देते हैं।

आने वाले समय में सुंदर हैंड राइटिंग जैसी चीज ही खत्म हो जाएगी। सभी काम कंप्यूटर पर या फिर डिजिटल डायरी..। बदलता मौसम, बदलते साधन के साथ सब कुछ बदलता है। हम आप भी बदल जाएंगें।

बदलता भारत: टाइम्स आफ इंडिया की तीन खबरें

हमारा भारत विकास कर रहा है। इसको मापने का मीटर सेंसेक्स। जो आज 16000 के पार चला गया। कल यह खबर बिजनेस पेज से निकलकर पहले पन्ने पर आ जाएगी। और रनडाउन में इसकी जगह पहले खबर के रूप में ली जाएगी।

लेकिन आज टाइम्स आफ इंडिया के दिल्ली संस्करण में तीन खबरें इस विकास कर रहे भारत के समाज पर धक्का लगाती है।

पहला, देश के सबसे बड़े निजी बैंक आईसीआईसीआई के लोन रिकवरी एजेंटों ने मुंबई के एक आदमी को इतना परेशान और धमकाया कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो गया। महज 50000 रुपये के लिए।

दूसरा, दिल्ली हाई कोर्ट ने एक लड़के और उसकी पत्नी को अपने बूढ़े माता-पिता को धमकाने के जुर्म में समन जारी किया है।

तीसरा, उड़ीसा की महिला आयोग ने माना है कि राज्य में महिलाएं पुरुषों को प्रताड़ित कर रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 38 ऐसे मामले रजिस्टर किए गए हैं।

भारत तेजी से बदल रहा है। विकास की बयार चारों ओर बह रही है। लेकिन इसकी हवा में कुछ तो ऐसा घुल जो हमारे समाज को थोड़ा अस्वस्थ कर जाता है।

काम का दवाब और विकास की होड़ में अच्छे-बुरे को भुलते जा रहे हैं। ग्लोबलाईजेशन में हम अपने दिमाग पर काबू नहीं कर पा रहे हैं। पैसा हमारी सबसे बड़ी जरूरत के रूप में उभर कर आ रहा है। चाहे इसके लिए किसी को कुछ भी करना पड़े।

मीडिया का उदाहरण देकर समझा सकता हूं। अखबार अश्लील तस्वीरों के जरिए अपना सकरुलेशन बढ़ाना चाहता है। टीवी दुष्कर्म के सीन दिखाकर। और इंटरनेट में संता बंता को का होम पेज यह बताने के लिए काफी है कि हम क्या परोस रहे हैं। पैसा..पैसा..और पैसा।

पैसा जरूर कमाइए लेकिन पहले मन की शांति जरूरी है।