Jharkhand

एक तो रामगढ और दूसरा खूंटी. रामगढ के बारे में कुछ बता दू. यहा पर १९४० में कॉंग्रेस पार्टी का वार्षिक अधिवेशन हुआ था. जिसकी अध्यक्षता मौलाना अबुल कलम आजाद ने की थी.  इन दोनों जिलों के निर्माण के बाद झारखण्ड में जिलों की संख्या २२ से बढ़कर २४ हो गई है. यह मेरा नया गृह जिला बन गया है.