जो काम हम पांच छह दोस्त नहीं कर पाए, उसे दिल्ली की आबो हवा ने कर दिया। मेरा एक दोस्त क्लीन शेव हो गया। उसकी पोस्टिंग स्टेट बैंक आफ हैदराबाद, जनपथ ब्रांच में पिछले पांच महीने पहले हुई है।

हम रांची में साथ पढ़ते थे। उस समय उसकी मूंछें हुआ करती थी। कल जब मैं उससे मिला तो देखा उसने क्लीन शेव करवा लिया है।

लोगों के लिए बड़ी घटना नहीं होगी लेकिन मेरे लिए तो..। हम कुछ दोस्त जो पहले से ही क्लीन शेव हुआ करते थे, उसे कहा करते थे..। साफ कर ले, हटा दे। और वो नहीं के साथ परंपरा और संस्कृति की दुहाई देता था।

उसका चेहरा देख कर मुझे कुछ ऐसा ही लगा जैसे लोगों को शेरशाह सूरी के ग्रांड ट्रंक रोड बनाने के बाद लगा होगा। क्लीन रोड, क्लीन शेव।

मैं केवल अनुमान लगा पा रहा हूं। दिल्ली की आबो हवा ने उसे बदल दिया।