लोग कहते हैं ना चाहने से क्या नहीं होता है! सब कुछ हो जाता है! क्या सच में सब कुछ हो सकता है? क्या आप जीते जिंदगी अजातशत्रु बन सकते हैं। अजातशत्रु। वो जिसका कोई शत्रु ना हो।

आत्मविश्वास और धैर्य उसकी दो सबसे बड़ी पूंजी है। वह घड़ी के समान है। जो हमेशा चलती रहती है। उसका गुण धीरे-धीरे निखर कर आता है। पांच या दस मिनट में वह किसी को प्रभावित नहीं करता है। और ना ही पांच या दस दिनों में। उसका असली गुण आपके सामने कुछ महीनों में आपको दिखता है।

मेरा एक दोस्त है। उम्र यही कोई 27-28 होगी। वह भी पत्रकार है। जितना मैं उसके बारे में जानता हूं, उसके मुताबिक वह जीते जिंदगी अजातशत्रु बना हुआ है। मेरे जैसे कई दोस्त हैं उसके। यूं कहिए लंबी फेहरिस्त है। लेकिन कोई उसका शत्रु नहीं है। कोई उसका बुरा नहीं चाहता। कोई उससे ईष्र्या नहीं करता। गजब है वो। उसके लिए मैं हमेशा एक बात लोगों को बोलता, बहुत ही सरल है वो।

सिंपली आउटस्टैंडिंग। बहुत आगे जाएगा मेरा यह दोस्त सिद्धार्थ।