यह कैसे हो सकता है! यही पूछेंगे ना आप कि चोरी कैसे मजेदार हो सकता है? लेकिन मेरे लिए यह मजेदार ही है। सच में मजेदार..।

मेरे पास एक बाईक है और उसे झाड़ने पोंछने के लिए मैं उसमें एक कपड़ा रखता हूं, जैसे सभी रखते हैं। जब भी मैं किसी पब्लिक पार्किग में गाड़ी खड़ी करता हूं कोई ना कोई मेरे उस गंदे कपड़े को ले उड़ता है। मैं जब गाड़ी के पास जाता हूं तो अपने गाड़ी में रखे कपड़े को ना पाकर बगल की गाड़ी के रखे कपड़े को ले उड़ता हूं।

जब कपड़ा निकालता होता हूं तो डर लगता रहता है कि कहीं गाड़ी का मालिक आकर मुझे ये ना कहे कि क्यों भाई मेरा क्यों निकाल रहे हो। कहीं और से जुगाड़ कर लो।

तो है ना यह मजेदार चोरी।