ऐसा लगता है जैसे ‘यारी’ की बाढ़ आ गई है। पिछले सात दिनों में मुझे ‘यारी’ सोशल नेटवर्किग साइट की ओर से कुल 23 लोगों ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया। मैं आकरुट पर रजिस्टर हूं। वहां से मुझे एक सीख मिली। सोशल नेटवर्किग साइट्स से जितना फायदा नहीं है उससे कहीं ज्यादा घाटा मुझे दिखता है।

आकरुट को मैं कॉपी-पेस्ट की दुनिया कहता हूं। यहां एक की कापी मारकर दूसरे को चिपका दिया जाता है। यारी से पहले ‘टैग्गड’ ने भी मुझे परेशान किया था। मुमकिन है आप लोगों को भी..।

यह इंटरनेट की दुनिया है यारों, जरा बच के। इस दुनिया की खास बात यह है कि यहां अच्छी चीजें कम, बुरी चीजें ज्यादा मिलती हैं। आपको संभल कर अच्छी चीजों को उठाना होगा। भीड़ को देखकर आप भी उनके साथ ना हो लें।