इनके मामले में आपको अपनी स्मृति शक्ति को आजमाना नहीं पड़ेगा। कुछ लम्हे तो याद किए ही जा सकते हैं। अक्षरधाम मंदिर, तिरुपति मंदिर, फ्रांस का नागरिक सम्मान समारोह, दिल्ली विश्वविद्यालय का डाक्टरेट सम्मान समारोह, बनारस, मिर्जापुर, मुंबई और..। बड़े भईया बच्चन और छोटे भईया अमर सिंह हमेशा साथ-साथ ही नजर आए। यह दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे.. वाले स्टाइल में।

लेकिन बच्चन कान फिल्म समारोह में अपनी फिल्म ‘चीनी कम’ के प्रीमियर के मौके पर अकेले पहुंचे। विश्वास नहीं हो रहा ना!!! मुझे भी नहीं हो रहा..

लगता है इनकी दोस्ती में दरार आ गया है। और नहीं आया है तो अमिताभ अपने छोटे भईया को मुश्किल की घड़ी में अकेले छोड़ कर कैसे आ गए? उनके बाबू जी ने इस मामले में कुछ तो समझाया होगा? क्यों? है कि नहीं..