खुशी लोगों के पास कम देर रहती है। आती भी है तो चली जाती है। लेकिन दुख हमेशा रहता है। खुशी के मौके पर चिंता व कष्ट बना रहता है। लेकिन जिंदगी चलने का नाम है..। यह चलती रहती है, अपनी चाल से..। चाहे सुख हो या दुख। आपको पता भी नहीं चलेगा।

क्या आपको याद आता है कि आपने कब दसवीं पास की थी? क्या आपको याद आता है कि आपने कब नौकरी ज्वाइन की थी? क्या आपको याद आता है कि आपने चिट्ठा लिखना कब शुरू किया है? क्या आपके बचपन के शौक और अब के शौक में बदलाव आ गया है? यह कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो आपको खुशी दे सकते हैं।

मेरी अपनी समझ कहती है कि जीवन में आपने ‘संभावना और संघर्ष’ से दोस्ती की है तो आप कुछ भी कर सकते हैं। हर जंग जीत सकते हैं। अगर आप दुख से हार कर बैठ गए तो आपके हाथ कुछ हासिल नहीं होगा। कुछ भी नहीं। कोशिश करें हौसला ना खोएं और योजना के साथ आऐ बढ़े।

परिस्थिति चाहे कोई भी हो संभावना उससे उबरने की जरूर होती है। और संघर्ष आपको जीत दिला देती है।

मैंने यह चिट्ठा अपने एक दोस्त के कहने पर लिखा है। आशा है कि वह इसे पढ़कर कुछ समझ पाए।

धन्यवाद॥
राजेश रोशन